सूरज से गुफ्तगू #41

Moushmi Radhanpara's avatarMoushmi Radhanpara

दिखोगे या नहीं दिखोगे
कब से खड़ी हु रास्ता देखे
कुछ बोलोगे या नहीं बोलोगे
तेरी कहानी को सुनने को कान है तरसे
मेरी तरह दिलचस्प न सही
पर कहानी तो तेरी भी होगी
मेरी तरह बेख़ौफ़ न सही
मोहब्बत तो तूने भी की होगी
चल अब आ भी जा
ऐसे न सत्ता
मोहब्बत का इज़हार कर भी जा
ऐसे न मुझसे तू अपनी कहानी छुपा

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