परम प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत प्रार्थना


हे परम प्रसाद में उपस्थित येसु, आपने मुझे यह सौभाग्य प्रदान किया कि आप
मेरे ह्रदय में बसने आये। मैं इस कृपा के सर्वथा अयोग्य हूँ। फिर भी आपने
मुझ पापी पर दया की! मैं सारे ह्रदय से आप को प्यार करता हूँ, आपको
धन्यवाद देता हूँ, आपकी आराधना करता हूँ तथा दूतों और संतों के साथ मिलकर
आपका जय-जयकार करता हूँ। आपकी इस कृपा के लिए मैं जीवन भर आभारी रहूँगा!
मेरे ह्रदय में विराजमान मेरे मुक्तिदाता, मुझ पापी को मुक्ति प्रदान
कीजिये! मेरे मार्ग, सत्य और जीवन, मुझ पर दया कीजिये! मुझे यह कृपा
प्रदान कीजिये कि मैं आपकी शिक्षा पर हमेशा ध्यान दूँ तथा निरंतर आपकी
राह पर चल सकूँ! आमेन!

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