असीसी की संत क्लारा का जन्म 16 जुलाई 1194 को असीसी, इटली में हुआ। ब्रिविअरी प्रार्थना पुस्तिका उनके बारे में कहती हैः ‘‘संत फ्रांसिस के उदाहरण का अनुकरण करती, उन्होंने अपनी सारी संपत्ति गरीबों में बांट दी। वे दुनिया के शोर से भाग गई और एक देहाती प्रार्थनालय में शरण ली, जहां संत फ्रांसिस ने स्वयं उनके बाल कटवाए और उन्हें प्रायश्चित की पोशाक पहनाई (18 मार्च, 1212 को, अठारह वर्ष की आयु में)। फिर वे संत डामियन के गिरजाघर में रहने लगी, जहाँ प्रभु ने उनके लिए अच्छी संख्या में सहयोगियों को प्रदान किया। इसलिए उन्होंने धर्मबहनों के एक समुदाय की स्थापना की और संत फ्रांसिस की इच्छा पर उनके अधिकारी के रूप में कार्य किया। बयालीस वर्षों तक उन्होंने मठ को जोश और विवेक के साथ निर्देशित किया, उनका अपना जीवन उनकी बहनों के अनुकरण के लिए एक निरंतर धर्मोपदेश के रूप में सेवा कर रहा था। संत पिता इनोसेंट चैथे से उन्होंने विशेषाधिकार का अनुरोध किया कि वे और उनका समुदाय पूर्ण निर्धनता में रहना चाहते हैं। वे असीसी के संत फ्रांसिस की सबसे उत्तम अनुयायी थी। जब सराकेन्स असीसी को घेर रहे थे और कॉन्वेंट पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे, संत क्लारा ने पवित्र यूखारिस्तयुक्त एक पोत ले लिया और मुख्य द्वार की ओर प्रार्थना करती जाने लगी और तुरंत सराकेन्स ने पलायन किया।

क्लारा असीसी के गरीब आदमी के बगीचे में प्रथम पुष्प थी। सांसारिक वस्तुओं में गरीब, लेकिन अपनी घोर निर्धनता में अमीर; वे येसु की प्रतिरूप थीं, गोशाले में और क्रूस पर बिलकुल गरीब। उनके समय में कलीसिया आम तौर पर और कई कलीसियाई व्यक्ति वित्तीय मामलों और राजनीतिक पैंतरेबाजी में उलझे हुए थे। निर्धनता के आदर्श के नवीनीकरण के माध्यम से, संत फ्रांसिस ने ‘‘ख्रीस्तीय जीवन का सुधार कलीसिया के शीर्ष और सदस्यों में‘‘ संपन्न किया। 11 अगस्त 1253 को असीसी, इटली में उनकी मृत्यु हो गई। पीड़ा में वीर (वे सत्ताईस साल से बीमार थी), उनकी मृत्यु के दो वर्ष बाद ही 1255 में उन्हें संत घोषित किया गया।

Advertisements
Advertisements
Fediverse reactions
September 2026
S M T W T F S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

Discover more from Nelson MCBS

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Nelson MCBS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading