Catholic Prayers

Way of the Cross in Hindi / क्रूस-मार्ग 

क्रूस-मार्ग 

(Way of Cross )

प्रारंभिक प्रार्थना

अगुआ: हे प्रेमी पिता परमेश्वर आपने इस संसार को इतना प्यार किया कि अपने
इकलौते पुत्र को दे दिया, जिसने हमारी मुक्ति के लिए अपने आप को क्रूस पर
कुर्बान कर दिया।  हे प्रभु आज हम आपके चरणों में विनम्र होकर, कलवारी की
चोटी तक, दुःख भोग पर मनन करना चाहते  हैं।  यह क्रूस रास्ता हमारे लिए
मेल मिलाप और नवीनीकरण का साधन बन जाये।  हम पर यह कृपा कर, कि आंसूओं की
इन राहों से गुजरते समय, हमारे हृदयों में पाप के प्रति धृणा और
पश्चात्ताप के भाव उत्पन्न हो जाये।  हमें धीरज दे ताकि हम भी अपने जीवन
मे क्लेशों, दःख संकटों को खुशी से सहे।  दूसरों के दुःखों को खुशी से
सहे।  दूसरों के दुःखों को हल्का करें और तेरे साथ महिमा में प्रवेश कर
सकें।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत:

सबके दुःखों को लेकर, वो ख्रीस्त जा रहे हैं,

गिरते कदम-कदम पर, फिर भी वो जा रहे हैं।

कांटों का ताज सर पर, रखकर उन्होंने मारा,

पिलातुस भी मसीह को अब क्रूस दे रहे हैं।

पहला विश्राम
येसु को प्राणदण्ड दिया जाता है

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: अंतिम ब्यारी में प्रभु ने अपने बारह चेलों के पैर धोकर विनम्रता,
और सेवा का सच्चा आदर्श प्रस्तुत किया, पावन पुरोहिताई और परम प्रसाद
संस्कारों का अनुष्ठान किया, उसके बाद वे अपने शिष्यो के साथ गेत्सेमनी
में प्रार्थना कर रहे थे, उस समय विश्वासघाती शिष्य यूदस येसु को चुम्बन
देकर प्रभु को पकड्वा देता है।  अब प्रभु रोमन राज्यपाल पिलातुस के
न्यायासन के सामने खडे हैं।  विशाल भीड और यहूदियों की धमकियों से
पिलातुस प्रभावित हुआ है अपनी पत्नी की बतलाई बात को वह भूल गये हैं, और
डर के मारे येसु को क्रूस पर चढाने का आदेश देते हैं अपनी गलती छुपाने के
लिए पानी मंगाकर हाथ धोते है और कहते हैं ‘मैं इस धर्मात्मा के रक्त का
दोषी नहीं हूं।  और प्रभु येसु हम सभों को हमारे पापों से मुक्त करने के
लिए, सभी प्रकार के अन्याय, अपमान सहते हुए उस क्रूस को स्वीकार कर रहें
हैं।

सब: हम सब अपने मन और हृदय के द्वार खोलें और मनन चिंतन करें कि हमने
अपने पापों द्वारा येसु को किस तरह भयानक क्रूस, अन्याय, अपमान सहने दिया
है।  वास्तव में हम, अपने जीवन में थोडा सा भी दुःख सहन नहीं करते हैं।
कईं बार हमें हमारे भले कार्यों के बदले बुराई मिलती है, हम पर झूठा आरोप
लगाकर बदनाम किया जाता है।  आज के इस कम्प्यूटर युग में हम अपने ही
स्वार्थ के पीछे भागते हैं।  कई बार हम झूठी गवाही देकर, निर्दोष लोगों
को फंसाते हैं।  आइए हम अपने कमजोरियों एवं गलतियों के लिए प्रभु से
क्षमा मांगें।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: 1. वो क्रूस था जो भारी, कंधों पर रख दिया है,

पापों का बोझ लेके, देखो वो चल दिए है।

सब के दुःखों को लेकर

प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा

बाहर देखा घर में देखा, देख मैं चारों दिशा

पर नहीं देखा येसु मैंने तुम सा कोई दूसरा

दूसरा विश्राम
येसु के कंधों पर भारी क्रूस लादा जाता है

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: सैनिकों ने प्रभु के कपडे उतार कर उसे लाल चांगा पहनाया है, कांटों
का मुकूट गूंथकर उनके सिर पर रखा है, उनका उपहास करते हुए कोडों से उसे
मारा है और अभी उसके कंधों पर भारी वजन का क्रूस लादा गया है।  येसु बडी
विनम्रता के साथ उसे ग्रहण करते हैं, क्योंकि यह मानव जाति का मुक्ति का
साधन है।  इस समय प्रभु के साथ उसके शिष्य भी नहीं है, विपत्ति से डरकर
वे भाग निकले हैं।     प्रभु येसु ने इस क्रूस के साथ हम पापियों के
अपराधों का क्रूसरूपी बोझ भी उठा लिया है।  क्या हम प्रभु का अनुसरण
करने, हमारे जीवन में आने वाले कष्ट रूपी क्रूस को ग्रहण करने तैयार हैं?
क्या हम अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति निष्ठावान हैं? क्या हम
दूसरों पर अत्याचार करते हैं या अनुचित कार्यों द्वारा दूसरों को कष्ट
रूपी क्रूस सहने के लिए मजबूर कर देते हैं?

सब: प्रभु मुझे बल दे कि मैं अपने दैनिक जीवन के छोटे-मोटे शारीरिक कष्ट,
मानसिक क्लेश और जीवन की सारी कठिनाईयों को दीनता पूर्वक सहन कर सकूं,
मुझे ईमानदारी से आपके पद-चिन्हों पर चलने की शक्ति प्रदान कर।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: गिरते हैं पहली बार वो,

अब क्रूस के ही नीचे कोडों की मार से वो,

कितने लह लुहान है।

प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा

तुमको पाकर मैंने पायी जीवन की सारी खुशी

प्रीत में तेरे येसु मेरे ऐसा हुआ बावरा।

तीसरा विश्राम
येसु पहली बार क्रूस के नीचे गिरते है

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: कलवारी की ओर जाने वाले प्रभु को आगे बढना मुश्किल हो रहा था,
कोडों की मार से उसके घायल शरीर की शक्ति क्षीण पड जाती है, भूख और प्यास
से वह व्याकुल था, क्रूस के बोझ, कमजोरी और थकान की वजह से वे अपने आप को
संभाल नहीं पाये और लडखडाते क्रूस लिये गिर पडते हैं।  हम सबों की खातिर
असहनीय दुःख सहते हैं।  कितना उदार है प्रभु, कितनी महान है उसकी कृपा।

सब: हे दयालु एवं करुणामय प्रभु येसु, क्रूस का नहीं बल्कि मेरे पापों का
बोझ आपको इतना कष्ट देता है।  हे प्रभु सत्य के मार्ग पर हमारे लडखडाते
कदमों को सुदृढ बना दे ताकि हमारी कमजोरियों के कारण फिसलकर गिरने पर भी
तेरी कृपा से हम उठ सके।  मुझे शक्ति दीजिए की सांसारिक प्रलोभनों से
बचकर मैं पापमय जीवन को त्याग दूं और एक आदर्शमय जीवन बिता सकूँ।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: आई है उनकी माता, करने को भेंट उनसे,

घबरा गई थी माँ भी, आँसू बहा रही है।

2.         बोझ सबके गुनाह का उठा कर, वो लिये जा रहा है (2)

क्या खता थी हमारे मसीह की, जालिमों ने जो उसको सजा दी,

ठोंक दी उसके हाथों में कीलें, फिर भी येसु ने उनको दुआ दी

चौथा विश्राम
येसु की मुलाकात अपनी शोकित माता से होती है

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: अत्यधिक घायल प्रभु येसु फिर उठ्कर, क्रूस की राह पर चल पडते हैं।
सिपाही उन्हें मारते, ढकेलते हुए आगे बढाते हैं, और इस क्षण उसकी मुलाकात
अपनी शोकित माता से होती  है।  कितनी दर्दभरी मुलाकात वह रही होगी, बेटे
की यह दशा देखकर माता का ममतामय हृदय तीव्र वेदना से भर जाता है।
प्रेममूर्ति प्रभु येसु के हृदय में अपनी माता की पीडा देखकर कैसी करूणा
जाग गई होगी? क्या हमारी इन्सानियत इसे समझ पाती है? आज हम अपने आस-पास
देखें कि हमारी माताओं की स्थिति क्या है, वृद्धावस्था में उन की देखरेख
करने के बदले हम उनका तिरस्कार करते हैं, अनाथाश्रमों में उन्हें रख देते
हैं, उनकी परवाह नहीं करते हैं।  आईए हम अपने जीवन में बदलाव लाने प्रभु
से बल मांगे।

सब: हे करूणानिधान प्रभु येसु मानवता की ओर से तूने एक माता की ममता
स्वीकार की, आपके दुःखभोग की घडी में सर्वप्रथम मरियम ने ही आपका साथ
दिया।  इस महान माँ के प्रति हमारे हृदयों में संवेदना का उदय हो।  हे
माँ आपके पुत्र के दुःखभोग के द्वारा आने वाले दुर्भाग्य से हम बच जायें,
हमें अपने माताओं का आदर करने, उन्हे सुखी रखने और उनकी सेवा करने की
कृपा एवं प्रेरणा दे।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: सिरनी सिमोन आकर, करते मदद मसीह की लेकिन

वो क्रूस फिर भी, ढोते ही जा रहे हैं।

पांचवा विश्राम
सिरिनी सिमोन क्रूस ढोने में येसु की सहायता करते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: येसु क्रूस ढोते-ढोते बहुत निर्बल हो चुके थे, यह देखकर सिपाही
डरने लगते हैं कि कहीं क्रूस के वजन से व थकावट के कारण येसु  मार्ग में
ही दम न तोढ दे इसलिए सिमोन नामक किरिन निवासी को जो खेत से लौट रहा था
पकडकर येसु का क्रूस उठाकर चलने को बाध्य करते हैं, क्योंकि यहूदी नेता
चाहते थे, कि येसु की मृत्यु कलवारी पहाडी पर क्रूस पर लटकते हुए ही हो।

सब: कितना सौभाग्यशाली है सिमोन जो अनजाने में येसु के दुःखभोग में
सहभागी बन जाता है, यह सौभाग्य प्रभु के शिष्यों को भी नहीं मिला।  क्या
हम दूसरों के कष्टों में सहभागी बनते हैं? दुर्बलों, अनाथों, गरीबों, दीन
दलितों की सहायता एवं बीमारों की सेवा करते हैं? हे अति मधुर येसु अपने
दैनिक जीवन में एक दूसरों की मदद करना हमे सिखा।  इस संसार में शांति और
न्याय का राज्य स्थापित हो और आपकी बातों को पूरा करना मैं मेरा सौभाग्य
मानूं।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: बहता लहू पसीना, चेहरे से यूं मसीह के

वेरोनिका बेचारी, चेहरे को पोंछती है।

2.                   प्राणों से प्यारे येसु मेरे तेरा ही है आसरा

ये तन तेरा ये मन मेरा जीवन का तू है धनी

किसको बतायें किसको सुनायें दिल का है ये माजरा

छटवां विश्राम
वेरोनिका येसु का चेहरा पोंछती है

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: हमारे प्रभु येसु का चेहरा खून और पसीने से विकृत दिख रहा है।
अपने गुरूवर का यह हाल देखकर वेरोनिका तडप उठती है।  भीड और सैनिकों की
परवाह किये बिना साहस बटोरकर वह अपने अंगोछे से प्रभु का पवित्र चेहरा
पोंछती है ताकि प्रभु को कुछ राहत मिले।  इस स्त्री के दयापूर्ण कार्य के
प्रति प्रभु अपने पवित्र मुखमण्डल की छवि उस रूमाल पर अंकित कर देते हैं।
जो अंतरात्मा की प्रेरणा से प्रेरित होकर परोपकार करते हैं उन पर भी
प्रभु अपनी अमिट छाप छोड देते हैं।

सब: हे प्रेमी येसु पहले तो आपका चेहरा अति सुन्दर था, परन्तु रक्त और
पसीने से वह सुन्दरता उड गई है।  बपतिस्मा संस्कार में मेरी आत्मा भी
सुन्दर थी परन्तु इस दुनियादारी बातों में फंसकर मैनें उस सुन्दरता को
मिटा दिया है।  प्रभु केवल आप ही उस सुन्दरता को वापस दिला सकते हैं।
वेरोनिका के समान हम आपको दिलासा देना चाहते हैं, आप हमें ऐसा वर दे कि
हम आपके दुःखभोग की निरंतर याद करके, अपने पापों से धृणा  करें।  हमारे
हृदयों में आपकी तस्वीर अंकित कर, हमें शुद्ध और निर्मल हृदय से धर्माचार
करने की असीम कृपा प्रदान कर।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: गिरते हैं ख्र्रीस्त येसु, फिर से वो क्रूस लेकर

पीडाएं सिर बदन की, बढती ही जा रही है।

सातवां विश्राम
येसु दूसरी बार क्रूस के निछे गिरते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: भूख-प्यास, लोगों कि निंदा, सैनिकों द्वारा लगातार पडी कोडों की
मार, चोटों और घावों से अत्याधिक रक्त निकल जाने के कारण और भारी क्रूस
के बोझ से, प्रभु का शरीर कमजोर हो गये हैं।  पग-पग पर येसु की आंखों-तले
अंधेरा छा जाने के कारण प्रभु क्रूस लिए जमीन पर गिरते हैं।  हम सब कमजोर
इन्सान हैं, हम पापों में बार-बार गिरते रहते हैं, और हमारा जीवन केवल एक
दिखावा मात्र है।  कई बार हम अपने आप को महान, और दूसरों को तुच्छ समझते
हैं।  क्या हम प्रभु के वचनों के अनुसार छोटा बनकर सेवा करना पसंद करते
हैं?

सब: हे प्रभु हमारे पापों का बोझ कितना भयंकर था, जिसको ढोते हुए आप जमीन
पर फिर से गिर पडे।  बार-बार पाप करके हम आपको कितनी पीडायें देते रहते
हैं? पाप करते रहना हमारा आदत बन गया  है।  हे प्रभु हमें क्षमा कर, हमें
हमारे शारीरिक विपत्तियों पर विजय पाने की शक्ति प्रदान कर।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: कुछ औरतें भी देख कर,

रोने लगीं मसीह को कहते थे ख्रीस्त उनको,

रोती क्यों जा रही है।

आठवां विश्राम
येरूसलेम की स्त्रियां येसु के लिए रोती-विलाप करती हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: प्रभु येसु की दयनीय दशा देख कर और उनका दुःख महसूस करते हुए, शहर
की कुछ धार्मिक स्त्रियां जो भीड में खडी थीं, उनके लिए रोने व कलपने
लगती  हैं।  और प्रभु येसु को मालूम था कि उनके प्रति यहूदियों के इस
दुर्व्यवहार के कारण येरूसलेम पर घोर विपत्ति आनेवाली है।  इसलिये वह
उनकी ओर मुडकर उनसे कहने लगा ‘हे येरूसलेम की पुत्रियों, मेरे लिए मत
रोओ, परन्तु अपने लिए और अपने बच्चों के लिए रोओ’।  चालीसा का समय हमारे
लिए पश्चात्ताप का समय है।   क्या हम प्रभु के पास वापस आकर क्षमा की
याचना करते है? या केवल उपरी मन से हम अपने पापों पर मगरमच्छ के आंसू
बहाते हैं।

सब: हे प्रभु अपनी असहाय पीडा में भी आप दूसरों के दुःखों पर ध्यान देते
हैं।  आप से प्रेरणा पाकर हम संवेदनशील बनें और बाहरी आडंबर को छोडकर दिल
की गहराईयों से सन्मार्ग पर चलें।  आप के समान शांति, प्रेम और मेल मिलाप
का वातावरण बनायें, स्वयं के दुखों को भूलकर दूसरों के दुःख मिटाने और
उन्हें दिलासा देने की शक्ति हमें प्रदान  कर।  हे दयालु येसु अपने हृदय
की आवाज सुनकर हमें सदाचार बनने की कृपा दे।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: थक गये वो चलते-चलते, गिर गये हैं फिर जमीं पर।

इतने दुःखों को सहकर, फिर भी वो चल दिये हैं।

नवां विश्राम
येसु तीसरी बार क्रूस के निचे गिरते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: येसु अब कलवारी पहाड की चोटी के करीब पहुंच गये हैं, धूप बहुत तेज
है, प्यास से उनके होंट सूख गये हैं। भारी क्रूस आगे ले जाने के लिए
उसमें ताकत नहीं है, इतने कमजोर वह बन गये हैं कि आगे  कदम उठाना बहुत
मुश्किल बन गया है और उस भारी क्रूस के नीचे वे गिर जाते हैं।  सूली की
राह का हर मुकाम, पिता के प्रति पुत्र की निस्वार्थ प्रेम की कहानी कहता
है।  आत्मत्याग ही ईश्वरीय शक्ति का अनन्त स्त्रोत है।    प्रभु की यह
दशा, यहूदियों और याजकीय वर्ग के घमण्ड, द्वेष और अविश्वास के कारण हुई,
और आज हम भी अपने दुष्कर्मों द्वारा इसे दोहरा रहे हैं। क्या हम अपनी
गिरी हुई दशा से उपर उठने का प्रयास करते हैं? क्या हम मसीह के कारण अपनी
दुर्बलताओं पर, अपमानों, कष्टों, अत्याचारों और संकटों पर गर्व करतें है?
हे प्रभु हमें दीन-हीन बनने की कृपा दे।

सब: हे दया सागर येसु, ईश्वर होते हुए भी एक इन्सान के रूप में आपने अपार
पीडा  सही।  क्रूस का बोझ ढोते-ढोते आप तीन बार गिर पडे।  हे प्रभु हमारे
पापमय हृदय को स्पर्श कर कि दूसरों के प्रति हम अधिक क्षमाशील, विनम्र,
और सहनशील बनें।  विपत्तियों में हताश न होकर आपके समान सहन करने की
हिम्मत हमें प्रदान कर।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: कपडे थे जब उतारे, जख्मों भरे बदन से।

फिर से लहू की बूंदें, बहती ही जा रही है।

दसवां विश्राम
प्रभु येसु के वस्त्र उतारे जाते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: प्रभु येसु को सिपाही लोग घसीटकर खडा कर देते हैं और मारते ढकेलते
हुए वध स्थल पर ले चलते हैं जहाँ रोमन प्रथा के अनुसार घोर अपराधियों को
क्रूस पर चढा कर मृत्युदण्ड दिया जाता था।  सिपाही उन्हें क्रूस पर ठोकने
का प्रबन्ध कर रहे हैं। उनके लहू लुहान शरीर से चिपके वस्त्रों को
उन्होंने बडी क्रूरता एवं निर्दयता के साथ खींचकर उतारे, वह उस विशाल भीड
की पापी नजरों के सामने निर्वस्त्र हो कर खडा रहा।  प्रभु के घाव फिर से
खुल जाते हैं, लहू जोर से बहने लगता है। प्रभु के असहाय पीडा से छटपटाते
देख कर वे उनकी हंसी उडाते हैं।     आज समाज में अश्लीलता बढती जा रही
है, अश्लील मनोरंजन के साधन हमें आकर्षित करते हैं, अशुद्ध वचनों एवं
कार्यों से हम आपको निर्वस्त्र करते हैं, एक दूसरे की बुराइयों का
ढिंढोरा पीटकर अपनी गलतियों पर पर्दा डालते हैं।

सब: हे प्रभु हमारे घोर लज्जाजनक पापों के कारण आपका अपमान हुआ और आज भी
हम आपका अपमान करते हैं। हम तुझसे दीनता पूर्वक प्रार्थना करते हैं कि जो
धोखा, घमण्ड और झूठी मर्यादा का पर्दा हम पर पडा है, उसे हटा दे।  हमें
अपनी गलती समझने की शक्ति दे, विनीत और नम्र स्वभाव का हमें बना ताकि
दूसरे जीवन में हमें लज्जा उठानी न पडे।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: अब क्रूस पर लिटा कर, कीलों से जड दिया है।

मुक्ति के वास्ते वो, बलिदान दे रहे हैं।

2.     येसु ने कलवारी दुःख क्यों सह लिया, मुझ पापी में क्या  देखा था,

कोई खूबी नहीं (2) मुझमें कोई भी खूबी नहीं।

पांव से न मैं तेरी राह चला, हाथ से न मैंने तेरी सेवा की।

ग्यारहवां विश्राम
प्रभु येसु क्रूस पर ठोंका जाता हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: क्रूस को धरती पर रखने के बाद सैनिक प्रभु येसू को क्रूस पर लिटाते
हैं।  वे उनके हाथ-पैर खींचकर निर्दयता से कीलें ठोंकतें हैं और उन्हें
क्रूस पर टांग देते हैं, खून के फव्वारे फूट पडते हैं और मसीह का शरीर
अपार वेदना से छटपटाने लगता है।  सैनिक क्रूरता से सूली को खडा कर देते
हैं।  येसु अपने सनातन पिता के चरणों में अपने दुःखमय अंगों को समर्पित
करते है, तीन घंटो तक असहनीय कष्ट सहते हुए हम पापियों के उद्धार करने
अपने पिता की इच्छा पूरी करतें हैं।

सब: हे प्रभु येसु, आपने स्वर्ग और पृथ्वी के बीच लटकते हुए, स्वर्ग और
पृथ्वी के बीच के फासले को भर दिया।  आपने क्रूस पर से मनुष्य के बीच मेल
कराया है।  हमें यह कृपा दे कि हम क्रूस का सदा उपयोग करते हुए, अपने
ईश्वर और अपने भाई-बहनों से हमेशा जुडे रहें।  बहुत से लोग आप को जानते
नहीं और जो जानते हैं वह आपसे प्रेम नहीं करते।  कृपया इन सबों को अपनी
ओर खींच ले ताकि वे आपके क्रूस के पुण्य-फलों के भागी होकर अनन्त सुख
प्राप्त कर सकें।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: कहाँ काहाँ मैं भटक रहा था, मिला तेरे द्वारा मिटा  अंधेरा

मेरे हृदय का मिला वो उजियारा।

वहां मुझे ले चलो मेरे प्रभु, मरने पे जीने को मेरे प्रभु।

तू ही मेरे पापों को क्षमा करे, तेरा ही दरस हो मेरे प्रभु।

बारहवां विश्राम
येसु क्रूस पर मर जाते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: दोपहर से तीसरे पहर तक पूरे प्रदेश में अंधेरा छाया रहा।  तीन
घंटों तक प्रभु येसु क्रूस पर हाथ पसारे टंगे रहे, उनके पावन शरीर से टप
टप खून की बूंदे धरती पर टपक रही थी। वे भयंकर पीडायें झेल रहे थे, फिर
भी उन्होंने अपने वधिकों को क्षमा कर दिया।  येसु के दायें और बायें दो
डाकू भी क्रूस पर चढाये गये थे।  भले डाकू को स्वर्ग-सुख और अपनी माता को
अपने शिष्य और शिष्य को अपनी माता को सौंप दिया। इसके बाद प्रभु ने ऊंचे
स्वर में पुकार कर कहा ‘हे ईश्वर मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता
हूं’ और सिर झुकाकर अपने प्राण त्याग दिये।  उसी समय मंदिर का पर्दा ऊपर
से नीचे तक फटकर दो टुकडे हो गया, पृथ्वी कांप उठी, चट्टानें फट गई,
कब्रें खुल गई और बहुत से मृत संतों के शरीर पुनर्जीवित हो गये। शतपति ने
यह सब देखकर ईश्वर की स्तुति करते हुए कहा – ‘निश्चय ही यह मनुष्य ईश्वर
का पुत्र था’।

सब: हे प्रभु हम बडी भक्ति के साथ उस क्रूस को गले लगाते हैं जिस पर मरते
दम तक टंगे रहकर तूने हमें प्यार किया है।  आप हमारे पापों के कारण छेदित
किये गये, हमारे कुकर्मों के कारण कुचल दिये गये।  आप के बलिदान का
उद्धेश्य यह है, कि हम हर प्रकार की बुराई व दोष से मुक्त हो जायें।  हे
प्रभु आप की मुक्तिदायी एवं जीवनदायी मृत्यु के वर्ष, प्रधान याजक कैफस
ने यहूदियों को यह परामर्श दिया था ‘सम्पूर्ण राष्ट्र को बचाने के लिये
एक ही मनुष्य मर’। आप की मृत्यु के कारण अपराधी बराब्बस बच गया, मुक्त
हुआ।  ठीक उसी प्रकार हम सब पापी भी बच जाते हैं, मुक्त होते हैं।  हे
प्रभु आपकी इस महती दया के लिये हम सदैव आपके ऋणी रहेंगे।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: सूली से तब उतार कर, रखा था मां की गोद में।

मरियम मसीह को देख कर, रोती ही जा रही है।

2.         जो क्रूस पे कुर्बान है, वो मेरा मसीह है हर जख्म जो उसका है,

वो मेरे गुनाहों का है किसको बतायें किसको सुनायें दिल का है ये माजरा

तेरहवां विश्राम
येसु अपनी पवित्र माता की गोद में रखे जाते हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: वह तैयारी का दिन था।  यहूदी यह नहीं चाहते थे कि शव विश्राम के
दिन क्रूस पर रह  जाये।  इसलिए उन्होंने पिलातुस से निवेदन किया कि उनकी
टांगे तोड दी जाये और शव हटा दिये जाये। लोगों की भीड अब कलवारी की पहाड
से विदा हो गई है।  सिपाहियों ने देखा कि प्रभु येसु मर चुके हैं, फिर भी
अपना शंका दूर करने के लिए एक सैनिक ने उनके बगल में भाला मारा और तुरन्त
रक्त और जल बह निकला।  संध्या हो जाने पर अरिमथिया के योसेफ, जो महासभा
का एक सम्मानित सदस्य था, और ईश्वर के राज्य की प्रतीक्षा में था, उसने
महासभा की योजना और षडयंत्र से असहमति जताई थी, निकोदेमुस के साथ मिल कर,
येसु का पवित्र शव क्रूस पर से उतार कर मरियम की गोद में रख दिया।

सब: हे माता, प्रभु के मृत शरीर को आपके गोद में लेते हुए जो असहनीय
मानसिक एवं आत्मिक पीडा आपको सहना पडी, उसे समझने की कृपा मुझे प्रदान
कर।  आप के समान ईश्वर के राज्य के लिए अपने दैनिक जीवन के शहादत को
सहर्ष स्वीकार करने की कृपा हमें प्रदान कर।

अगुआ: हे प्रभु हम पर दया कर,

सब: हे ख्रीस्त हम पर दया कर,

अगुआ:            मरे हुए विश्वासियों की आत्मायें परमेश्वर की दया से
शांति में निवास करे।

सब: आमेन।

गीत: अब रख दिया है कब्र में, मेरे मसीह की लाश को।

चेले अब उनको गाड कर, दुःख में ही चल दिये।

2.         कहाँ कहाँ मैं भटक रहा था, मिला तेरे द्वारा,

मिटा अंधेरा मेरे हृदय का, मिला वो उजियारा।

वहाँ मुझे ले चलो मेरे प्रभु, मरने पे जीने को मेरे प्रभु

तू ही मेरे पापों को क्षमा करें, तेरा ही दरस हो मेरे प्रभु

चौदहवां विश्राम
प्रभु का पार्थिव शरीर कब्र में रखा जाता हैं

अगुआ:            हे प्रभु हम तेरी आराधना करते और आपको धन्य मानते हैं।

सब: क्योंकि तूने अपने पवित्र दुःखभोग द्वारा दुनियां को बचाया है।

अगुआ: यहूदियों की दफन विधि के अनुसार येसु को सुगंधित द्रव्यों के साथ
छालटी की पट्टियों में लपेटा।  माँ की गोद से पुत्र का शव लेकर शिष्यों
ने उस कब्र में रख दिया जिसे अरिमथिया के यूसुफ ने हाल ही में चट्टान में
खुदवाया था।  उस कब्र के मुँह पर एक बडा सा पत्थर लुढका कर सब मुंह
लटकाये चले जाते हैं।

सब: हे विजयी येसु, आपका शरीर केवल तीन ही दिन कब्र

समापन प्रार्थना

हे प्रभु येसु, हमारे लिए आपने बहुत दुःख सहा। हम आपको धन्यवाद देते हैं।
पापों से दूर रहकर और सेवा कार्य करते हुए हम भी आपको और एक दूसरे को
प्यार करने की कोशिष करेंगे। मदद करें प्रभु और हमारे प्रयत्नों पर आशिष
दें।

(संत पिता के मनोरथ के लिये एवं पापियों के मनफिराव के लिये हम प्रार्थना
करें: ’’हे पिता हमारे,’’ ’’प्रणाम मरियम’’ और ’’पिता और पुत्र…..’’।)

Categories: Catholic Prayers, Prayers

Tagged as: ,

1 reply »

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s