कासिमीर का जन्म सन 1461 में पोलैंड के एक राज परिवार में हुआ। कम उम्र में ही उन्हें यह एहसास हुआ कि उन्हें अपना जीवन अपने पिता से भी अधिक महान राजा के लिए, राजओं के राजा के लिए जीना चाहिए। दबाव, अपमान और अस्वीकृति के बावजूद, वे जीवन भर उस वफादारी के साथ खड़े रहे।

उन्होंने सादगी का जीवन बिताया तथा साधे कपडे पहने। वे रात में भी बहुत समय तक जाग कर प्रार्थना करते थे तथा ज़मीन पर सोते थे।

एक बार उनके पिता ने उन्हें हंगरी के राजा के विरुध्द युध्द में अपनी सेना का नेतृत्व करने के लिए भेजा। कासिमीर को लगा कि यह कार्य अपने स्वर्गिक पिता के सामने सही नहीं है। वे रास्ते में ही अपने सैनिकों को लेकर वापस आये। इस पर क्रुध्द होकर उनके पिता ने उन्हें एक किले में कैद किया। फिर भी कासिमीर अपने दृढ़संकल्प पर अटल रहे। उनके पिता ने एक सुन्दर स्त्री से उनका विवाह कराने का प्रस्ताव भी रखा, परन्तु कासिमीर उस प्रस्ताव को भी ठुकरा कर प्रार्थना, उपवास तथा गरीबों की सहायता में अपना जीवन बिताने लगे। सन 1484 में जब वे 23 वर्ष के थे, फेफडे की बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हुयी। कासिमिर पोलैंड और लिथुआनिया के संरक्षक संत हैं।

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